सभा में मेरा कौन करेला निस्‍तारा sabha me mera kon karela nistara bhajan lyrics



सभा में मेरा कौन करेला निस्‍तारा,

आप करोला निस्‍तारा ।।टेर।।


जहां जहां तुझे याद किया था,

वहां वहां तू मौजूद खड़ा था।

नरसी का तूने भात भरा था,

काम काज सब सारा ।।1।।


द्रुपद सुता को चीर बढ़ायो,

बली छळ ने बावण बन आयाे।

  अपनो जन प्रहलाद बचायो,

हिरणाकुश को मारा ।।2।।


मीरा बाई सदन कसाई,

नामदेव की छान छवाई।

कबीरा के घर बालद आई,

आप बणे बणजारा ।।3।।


अलीबक्‍स को गांव मण्‍डोवर,

सब भइयन में है टिकायत।

कहे गोविन्‍दर करे निछावर,

हृदय करो उजाला ।।4।।

मैं अर्ज करूं गुरां थाने चरणां में राखज्‍यो माने main araj karu guru thane bhajan lyrics



मैं अर्ज करूं गुरां थाने ,

चरणां में राखज्‍यो माने।
मारी लाज शरम सब थाने,
चाहे चोड़े सुणो चाहे छाने ।।टेर।।

गुरु, भाई बन्‍धु पितु माता,
मारे कोई साथ नहीं जाता।
थे तारण तरण गुरुदाता,
यूं चारो वेद गुण गाता ।।1।।

गुरु आप बड़े उपकारी,
सब जीवां के हितकारी।
माने आयो भरोसो भारी,
नहीं छोडू शरण तुम्‍हारी ।।2।।

भव सागर है भारो,
माने सूजत नाही किनारो।
मारी नैया ने पार उतारो,
जरा घट में दया बिचारो ।।3।।

गुरु तन मन धन सब थारो,
चाहे शीश काट लो मारो।
यूं राम दरियाव पुकारो,
मैं चाकर हूं चरणां को ।।4।।





खम्‍मा भली करी ओ गुरुदाता जीव राख्‍या चौरासी मू जाता khamma bhali kari o gurudata bhajan lyrics



खम्‍मा भली करी ओ गुरुदाता,

जीव राख्‍या चौरासी मू जाता।

भूलूं नहीं लाखा बातां ओ,

मारे राम भजन का ही नाता।।टेर।।


मैं कर्म गली मू आयो,

करमा में गाठो कलायो।

मैं अनी बनी में रहता,

माने गुरु बिन कोन जगाता।।1।।


गुरु आंख्‍या छता अंधियारा,

खोटा है भाग हमारा।

मैं पगां छता पांगलिया,

मेरा सतगुरु हेला सांभलिया।।2।।


गुरु मोह की नंदिया भारी,

मैं बह गया कितना बारी।

मारे सतगुरु पकडियो हाथा,

नी तो जातो गुडिन्‍दा खाता।।3।।


मैं धर्म गंगा में जाता,

माने गुरु बिना कौन नहाता।

मैं सत की संगत में आया,

स्‍वामी सिमरथ राम गुण गाया।।4।।





ऐसो मारो देवा मे देव सरे सिवरिया ही आनंद करे aiso maro deva me dev sare



ऐसो मारो देवा मे देव सरे,
सिवरिया ही आनंद करे ॥ टेर ॥


गणपत देव गजानन्‍द सिवरूं,
विघन दूर करे वो।
आदू धर्म की शाखा वेद में,
ज्ञानी ज्ञान करे वो।।1।।


शील स्‍नान ध्‍यान और धुन में,
ऐसो स्‍नान करे वो।
काना कुण्‍डल अंग भभूति,
केसर तिलक करे वो।।2।।


आसण धार अगड़ होय बैठा,
लाम्‍बी सूंड करे वो।
कली केवड़ा मरवा मोगरा,
भंवर गुंजार करे वो।।3।।


लाडू जलेबी मिश्री मेवा,
अग्‍नी पे धूप करे वो।
अग्‍नी मुखार आप को देवा,
भोजन भाव करे वो।।4।।


दस अवतार देव और दानव,
नज मन ध्‍यान धरेे वो।
नारद शारद करे आरती,
रिद्धि सिद्धि चंवर करे वो।।5।।


आप अमर कबहूं नहीं मरता,
न कोई जनम धरे वो।
अलख जूूणी काटो,
जूणी गीताजी साख भरे वो।।6।।


'दोलाराम' सतगुरू मलिया,
चित मन तृप्‍त करे वो।
'शम्‍भूनाथजी' सेण बताई,
'छोगजी
' अर्ज करे वो।।7।।
  

नज मंदरिया में आप पधारो गणपति naj mandriya me aap padharo ganpati



नज मंदरिया में आप पधारो गणपति, 
धूप तो खेऊला अगरबत्‍ती।।टेर।।


मूसा री असवारी मारे रामा गणपत आया है।
संग में लाया वो रिद्धि सिद्धि।।1।।


नन्दिया असवारी मारे रामा शिवजी पधार्या है।
संग में लावो न पार्वती।।2।।


रामा भी आया सांवरा लछमण आया है।
संग में लावो न सीता सती।।3।।

ब्रह्मा भी आया रामा विष्‍णु भी आया है।
संग में लावो न सरस्‍वती।।4।।


बाई मीरां ने सांवरा मोहन मलग्‍या है।
हरि चरणा में हो जाऊ सती।।5।।




सतसंग को नूतो जेलो जी महाराज गजानन्‍द देवा satsang ko nuto jelo ji maharaj gajanand deva


 

सतसंग को नूतो जेलो जी,
महाराज गजानन्‍द देवा।
महाराज गजानन्‍द देवा,
मैं करू आपकी सेवा।।टेर।।


पहला जुगांं में प्रहलाद आया,

 लारे रतनादे राणी।।1।।


दूजा जुगां में हरिचंद आया,

लारे तारादे राणी।।2।।


तीजा जुगां में जेठल आया,

लारे द्रोपद नारी।।3।।


चौथा जुगां में बलचंद आया,

लारे संजादे नारी।।4।।


दोय कर जोड़े राणी रूपादे बोले,

घर मालजी के नारी।।5।। 

सारी तो सृष्टि का शंकर सुत देवा कारज तुम सारो sari to srishti ka shankar sut deva karaj tum saro



सारी तो सृष्टि का शंकर सुत देवा,

 कारज तुम सारो।।टेर।।


कारज सारो सृष्टि का सजी हो,

शंकर सुत देव गणपत।

तीन लोक के मायने सजी करे,

मुनि जन सेव गणपत।

करे मुनि जन सेव देव और दाहिना,

त्रिलोकी के माय रिया नहीं सायना।।1।1


एक समय नल भूपरा का,

छूट गया था राज गणपत।

दमयन्‍ती गणपत ने सिवर्या,

सर्या मनो‍रथ काज गणपत।

सर्या मनोरथ काज भूप नल उबर्या।

नरवरगढ़ के माय राज फिर से कर्या।।2।।

 

जान चढ़ी श्रीकृष्‍णचंद्र की,

 कुनणापुर मांय।

देख रूप विकराल राज का,

ले गिया जान में नांय।

ले गिया जान में नांय शरम का मारिया,

मुसा खोदी भोम क जादव हारिया।।3।।


ब्रह्माजी सृष्टि रचाई,

पेली तुझे मनाया गणपत।

शिवशंकर का लाड़ला जी,

कोई पार्वती का जाया गणपत।

पार्वती का जाया काज सब सारिया,

ध्‍याया ज्‍यांरा का बेड़ा पार उतारिया।।4।।


ओछी पिण्‍डीया दूंद दुदियालाे,

भाल तिलक चमकन्‍त गणपत।

रिद्धि सिद्धि राणी ऊबी टेल में,

निसदिन चंवर ढुलन्‍त गणपत।

निसदिन चंवर ढुलन्‍त क हाजर टेेल में,

लच्‍छीराम पर कृपा करज्‍यो खेल में।।5।।





सेवा मारी मानो स्‍वामी रे सुंडाला sewa mari mano swami re sundala bhajan lyrics



सेवा मारी मानो स्‍वामी रे सुंडाला,
पूजा मारी मानो गणपत गवरा।
खाेेेलो मारा हरदा रा ताला वो जी   ।।टेर।।


जल तो चढ़ाऊ देवा नहीं रे अछूता।
जल ने तो मछलिया बटालिया वो जी ।।1।।

दूध रे चढ़ाऊ देवा नही रे अछूता।
दूध ने तो बचिया बटालिया वो जी ।।2।।

धूप तो चढ़ाऊ देवा नही रे अछूता।
धूप ने तो अग‍नी बटालिया वो जी ।।3।।

लाडू तो चढ़ाऊ देवा नही रे अछूता।
लाड़वा ने तो मांखियां बटालिया वो जी ।।4।।

फूलड़ा चढ़ाऊ देवा नही रे अछूता।
फूलड़ा ने तो भंवरा बटालिया वो जी ।।5।।

शबद चढ़ाऊ देवा नही रे अछूता।
शबद ने तो जीब बटालिया वो जी ।।6।।

शीश चढ़ाऊ देवा नही रे अछूता।
शीश   ने तो छरिया बटालिया वो जी ।।7।।

मछन्‍दर प्रताप जती गोरख बोले।
सत न धर्म अछूता है वो जी ।।8।।





मैं थाने सिवरूं गजानन्‍द वो देवा main thane sivaru gajanand deva bhajan lyrics



मैं थाने सिवरूं गजानन्‍द वो देवा,
हिरदे करो न उजियाला जी।
सरस्‍वती माता वो शारदा ने सिवरूं,
खोलो मारा हरदा तालाजी।
निंदरा ने मारो भोलानाथ जी।।टेर।।


जरणी न जायो रे ओदर कोनी आयो।
अमिया राेे लाल कहवायो जिवो।।१।।
 
पाणी सूं तो पतलो पवन सूं जीणो।
चोबारिया तो हनुमत गाजे जी वो।।२।।

हाथ रे गालू रे हीरो हाथ कोनी आवे।
मुठिया में नहीं रे समावे जी वो।।३।।

मछन्‍दर प्रताप जती गाेरख बोल्‍या।
खुल गया भरम वाला ताला जी वो।।४।। 






मनावो साधां गवरी का नन्‍द गणेश manavo sadha gavari ka nand ganesh bhajan lyrics



मनावो साधां गवरी का नन्‍द गणेश ।।टेर।।

साेेहं शब्‍द को सही कर मानो।
ध्‍यान धरो जी हमेश।।1।।

मूल कंवल में बसे गणेशा।
पहर पीताम्‍बर वेश।।2।।

माता तेरी पार्वती है।
पिता वर कहिये महेश।।3।।
 
गणेश धावे सोई फल पावे।
जाय पूंगे उण देश।।4।।

कहत 'मंगलगिरी' सुणो भाई साधो।
भजन करो बाली वेश।।5।।

गजानन्‍द जी ने सोहवे दो नारी gajanand ji ne sohave do naari har ki sobha bhari



गजानन्‍द जी ने सोहवे दो नारी।
दो नारी वो हर की शोभा भारी।।टेर।।

एक तो नारी वो पाणीड़ो लावे है।
स्‍नान करावे वा तो दूजी नारी ।।1।।

एक तो नारी वो हर के चन्‍दन घसे है।
तलक चढ़ावे वा तो दूजी नारी ।।2।।

एक तो नारी वो हर के भोजन बणावे है।
 थाल परूषे वा तो दूजी नारी ।।3।।

एक तो नारी वो हर के ढोलियो ढलावे है।
पांव दबावे वा तो दूजी नारी ।।4।।

बाई मीरां ने सांवरा गिरधर मलिया है।
गणपत की वो सेवा लागे प्‍यारी ।।5।।

आवो गवरी रा गणराज aavo gavari ra ganraj bhajan lyrics


आवो गवरी रा गणराज,
विनायक दुंद दुदियाला।
विनायक दुंद दुदियाला,
सिन्‍दुरिया सुंड सुडाला।।टेर।।

विश्‍वकर्मा ने विश्‍व रचाया,
पृथ्‍वी पर प्रथम पुजाया।
माया सकल मनावे आज।।१।।

सब बाट देवता जोवे,
थाने सिवरिया ही सिद्ध होवे।
होवे सकल मनोरथ काज।।२।।

ब्रह्मा वेद बखाणे वाणी,
थे तेतीसा अगवाणी।
राणी रिद्धि सिद्धि के सर ताज।।३।।

शुद्ध वाणी निकले मुह से,
''भैैैैरियो'' भगवान भरोसे।
थासे अर्ज करे महाराज।।४।।



गजानन्‍द म्‍हारे आवो जी gajanand mare aavo ji bhajan lyrics



गजानन्‍द म्‍हारे आवो जी ओ,
गजानन्‍द म्‍हारे आवो जी।
बैठ सभा में धाऊ आपने,
रिद्धि सिद्धि लावो जी।।टेर।।

ब्रह्मा के संग विष्‍णु लाज्‍यो,
माखन चोर कन्‍हैया।
मात शारदा संग में लाज्‍यो,
राधा रूकमणिया।।१।।

श्रीराम संग लछमण लाज्‍यो,
भरत शत्रुुघन भैया।
मात जान‍की संग में लाज्‍यो,
हनुमान चढिया।।२।।

नांदिया चढिया शिवजी आवो,
डमरु साज बजैया।
मात गोरजा संग में लाज्‍यो,
बांटे भांग डलिया।।३।।


बावन भैरू चौसठ जोगणिया,
संग में अम्‍बे मैया।
पीर रामदे वीर तेजाजी,
घोड़े पर चढिया।।४।।

''पूनम चंद'' पर किरपा करज्‍यो,
पार लगाज्‍यो नैया।
सतसंग मारी सफल बणाज्‍यो,
बांटू गुड़ डलिया।।५।।

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