संत अचलराम जी के भजन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
संत अचलराम जी के भजन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मन रे सतगरू कर मेरा भाई सतगरू बिना संगी नहीं तेरो man re satguru kar mera bhai sangi nahi tero

 

मन रे सतगरू कर मेरा भाई।

सतगरू बिना संगी नहीं तेरो,

अन्‍त समय के माई।।टेर।।

 

महाकष्‍ट जब पड़ेगो तेरे,

कोई न आडो आई।

मात पिता त्रिया सुत बंधू ,

सब ही मूण्‍डो छुपाई।।1।।

 

धन दौलत और महल मालिया,

सभी धर्या रह जाई।

जम के दूत पकड़ ले जावे,

जूता खातो जाई।।2।।

 

राज तेज की चले न हिमायती,

देवा की चाले नाही।

गुरू को देख दूर खड़ा होवे,

भाग जावे जमराई।।3।।

 

सतगरू मिले तो बन्‍ध छुड़ावे,

फिर निरभे करे तॉई।

अचलराम तज सकल आसरा,

चरण शरण सुख पाई।।4।।


आज सखी मारे रंगरली है मारे भाग भली है aaj sakhi mare rangrali he mare bhag bhali he

 

आज सखी मारे रंगरली है।

रंगरली है मारे भाग भली है ।।टेर।।

 

सोना को सूरज ऊगो मारी सजना ए।

सतगरू आये मारी गली है।।1।।

 

धन धन भाग माने दरसण दीदा।

मुखड़ो नरखत मारी खुलगी कली है।।2।।

 

दरसण पाया पाप हटाया।

सतगरू मिलग्‍या दबद्या दूर खड़ी है।।3।।

 

अचलूराम सतगरू की कृपा से।

आज सभी मारे बात भली है।।4।।

लोकप्रिय पोस्ट

मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डार दई भजन maine tere hi bharose Hanuman sagar me naiyya dar dayi bhajan

मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई  ।।टेर।। काहे की या नाव बनाई , काहे की पतवार। रामा काहे की लगा दी जंजी...