मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डार दई भजन maine tere hi bharose Hanuman sagar me naiyya dar dayi bhajan


मैंने
तेरे ही भरोसे हनुमान,

सागर में नैया डार दई ।।टेर।।



काहे की या नाव बनाई, काहे की पतवार।
रामा काहे की लगा दी जंजीर ।।1।।


राम नाम की नाव बनाई, भक्ति की पतवार।
ओ रामा ज्ञान की लगा दी जंजीर ।।2।।



कौन सखी वामें बैठन हारे, कौन है खेवनहार।
रामा कौन लगावे बेड़ा पार ।।3।।


सीता मैया बैठनहारी, लक्ष्मण खेवनहार।
मोरे राम जी लगावे बेड़ा पार ।।4।।
 
तुलसीदास आस रघुवर की, चरणन में बलिहार।
मोरे बालाजी लगाहे बेडा पार ।।5।।



मोरे संकट के कटैया हनुमान more sankat ke kataiya Hanuman Bhajan

 

ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान, हमारे संकट काटो प्रभु

ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान हमारे संकट काटो प्रभु  ।।टैर।। 

 

अरे अंजनी पुत्र केसरी नंदन तुम जग जग के काटत बंधन,

तुमरे हृदय बसे रघुनंदन हाँ, तुमरे हृदय में बैठे सीताराम ।।1।।


अरे तुमको जानत है जग सारो संकट मोचन नाम तुम्हारो,

आके संकट हरो हमारो, हाँ तुमको संकट मोचन मानत है भगवान ।।2।।


अरे बड़े बड़े दानव सब मारे रामचंद्र के काज संवारे,

आके संकट हरो हमारे, हाँ लक्षण जी के बचालय तुमने प्राण  ।।3।।


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