आई आदी की करो आरती गुरा परणावो रे aai aadi ki karo aarti gura parnavo re lyrics


 

आई आदी की करो आरती,

अणगड ले लो बधाई।।1।।

 

गुरा परणावो रे,

उरी बुलावो मारी उमा न आवे।

पंडत बुलाई प्रेमा जोइवो,

गुरा परणावो रे ।।टेर।।

 

लोभ की लुगाई न उबो अभेमानी।

हलमल करे ठगाई गुरा परणावो रे।।2।।

 

भाई भोजाई मल धूम मचाई।

लापर लाज गमाई गुरा परणावो रे।।3।।

 

संत नाम शंखणी न काकी कुलजड़ी।

अबे रांडा ने रावळे रूकाई गुरा परणावो रे।।4।।

 

शील सन्‍तोष आया कोई देवता।

रटो रटो राम की दवाई गुरा परणावो रे।।5।।

 

पदम गरू परवाणी मलग्‍या।

लाडूजी सेण बताई गुरा परणावो रे।।6।।


गुजर गरीबीऊ ‘’कनीराम’’ बोले।

अब सुरता ने फरो दराई गुरा परणावो रे।।7।।

पांडवाे का अबला ने मायरो कथा लिरिक्‍स pandavo ka abla ne mayro katha lyrics

 


:: पांडवाे का अबला ने मायरो ::

 

ले लो ले लो रामजी को नाम भाया मारा रे।

ओछी रे ऊमर में थोड़ो जीवणों ।।

परा लो मराला बसवा बीस भाया मारा रे।

ले लो ने हबोलो हरि का नाम को।।टेर।।

 

निकल्‍यो निकल्‍यो रेण अधेरण भीमजी पांडू रे,

कलजुग तो देखण ने डाकी निसर्यो।

रहग्‍या रहग्‍या शसत्र महलां मांय भीमजी पांडू का,

मोटा तो लकड़ा पर हाथ गाळियो।।1।।

 

पूछे पूछे धोबीजी ने बात भीमजी पांडू रे।

कींको तो धोवो रे बीरा धोवतिया ।।2।।

 

ले लो ले लो मण्‍डा माग्‍या दाम धोबी मारा रे।

मारो भी धो दे ने बीरा धोवतियो।।3।।

 

यो तो है खापरियो शहर मारा बीरा रे।

राजा तो अनजी का धोवां धोवतिया।।5।।

नुखल्‍या से खाल तुडादूं भाया मारा रे।

खाल में भरा दूं थारे लूण रे ।।6।।

 

कीदी कीदी हड़मत वाली हांक भीमजी पांडू रे।

धोबी तो तारां रे मण्‍डल पूंछग्‍यो।।7।।

 

धोबन भीमजी ने केहवे

 

करियो करियो गणो थे अन्‍याव भामजी पांडू रे।

घर तो धोबण रे वाळो भानीयो।।8।।

 

मरियो मरियो यो तो अणजाण बेनड़ मारी ये।

मारो तो कसूर किया मानियो।।9।।

 

चोखा तो चुड़लां री कोई पूरे आस थारी ये।

चोखा रे चुड़ला रो धोगी जोवज्‍यो।।10।।

 

कलजुग का प्रभाव

 

भाया कलजुग हेलो पाड़े रे चोड़े धाड़े।।टेर।।

 

देखो रे कलजुग की छाया मरदा मूंछ मूंडाई।

बेटो बाप ने धमकावे रे चोड़े धाड़े ।।1।।

 

बहु पलंग पे,सासू आंगणे,जेठ घूंघटा काढे।

वा तो सासू ने धमकावे रे चोड़े धाड़े।।2।।

 

खेल तमासा देखे गणो न, जा होटल में खावे।

वो तो धन की धूल उड़ावे रे चोड़े धाड़े।।3।।

 

सामी ऊबा दर्शन दीदा मनड़ा में मुस्‍कावे।

जालो तीन जुग में गावे रे चोड़े धाड़े।।4।।

 

अबला की अरज

 

मैं तो सरवर पाणीड़ा ने चाली ये माय।

अबला ऊबी अरज करे।।टेर।।

 

मारे नहीं है जामण जायो बीर ये माय।

अबला ऊबी अरज करे।।1।।

 

माने कुण तो चुंदडिया ओढ़ावे ये माय।

ऊबी अबला रूदन करे।।2।।

 

मारे नहीं है धरम को बीरो ये माय।

ऊबी अबला रूदन करे।।3।।

 

बाईसा नेणा में नीर ढळकावे ये माय।

ऊबी अबला रूदन करे।।4।।

 

माने कुण आज धीरज बंधावे ये माय।

अबला ऊबी अरज करे।।5।।

 

कोई भीमजी तो भली ये बिचारी ये माय।

बाईसा रे मन आगे धीर धरे।।6।।

 

वे तो हाथ माय राखी बंधावे ये माय।

सरवर ऊबी बाई रूदन करे।।7।।

 

पहुंच्‍या पहुंच्‍या बागा रे माय भीमजी पांडू रे।

ताेडिया रे मतीरा मीठी बेल का।।11।।

 

जागो जागो फोजा रा सरदार भीमजी पांडू रे।

बारे तो उगाड़ा किया पोढिया।।12।।

 

जागी जागी द्रोपदी न सारो परिवार जी।

पांचू पांडू तो जाग्‍या आज जी।।13।।

 

दोहा: बेगी जागी द्रोपदी न ओढियो दखणी को चीर।

माता कुन्‍ता का लाडला न जाग्‍या पांचों बीर।।

 

बणाय लीनी धरम की बहन माता जरणी ये।

राखी तो बंधाई मारे हाथ के।।14।।

 

चोखो गणो करियो थे तो काम भीमजी मारा रे।

चंवरी तो मंडादूं राई आंगणे।।15।।

 

जावे जावे कजली बन के मांय भीमजी पांडू रे।

हाथी तो बन खण्‍ड वाला हेरिया।।16।।

 

हेर लीना सौ न पचास भीमजी पांडू रे।

गणती का लायो रे पूरा डेड सौ।।17।।

 

चाल्‍यो चाल्‍यो खातीजी की पोल भीमजी पांडू रे।

गाड़ी तो घड़ दे नी इछत सोवणी।।18।।

 

सूता हो तो बाहर आवो कंवर काना रे।

थाने तो बुलावे पांडू भीमजी।।19।।

 

बोली बोली रूकमण नार भीमजी मारा रे।

थारा तो भाईड़ा गिया बारणे।।20।।

 

चालो मारा किशन मुरार बीरा मारा रे।

मारी तो बेनड़ के भरणो मायरो।।21।।

 

चालो चालो किशन मुरार भाया मारा रे।

राधा तो रूकमण ने ले लो साथ में।।22।।

 

कृष्‍ण भगवान केवे

 

देवो नी रथड़ो जुताय राधा राणी ये।

भीमजी पांडू रे चालां साथ में।।23।।

 

रूणझुण रोको बैल राणी रूकमण ये।

कंवर तो कानो चाले साथ में।।24।।

 

चालो चालो पांडू रा सरदार बीरा मारा रे।

माता तो कुन्‍ता ने ले लो साथ में।।25।।

 

गावे गावे मायरा का गीत रूकमण राणी ये।

माता कुन्‍ता रो मन हरषावणो।।26।।

 

बेहन के द्वारे

 

सुणती व्‍हे तो बाहर आजा बेनड़ मारी ये।

थाने तो बुलावे पांडू भीमजी।।27।।

 

मारे हे मेली पोषाक बीरा मारा रे।

बारे रे लज्‍जा रे आवे आवता।।28।।

 

तिलक मारी माताजी के काडो बेनड़ मारी ये।

पांचा तो पांडवा की कहिये मावड़ी।।29।।

 

तिलक मारे अरजुण जी रे काडो बेनड मारी ये।

सोनो तो बगसेलो बीरो सोलमो।।30।।

 

तिलक मारे सहदेवजी रे काडो बेनड मारी ये।

गादी रो मालिक तो कहिये मोगरो।।31।।

 

तिलक मारे नकुलजी रे काडो बेनड मारी ये।

पांचो तो भाया में कहिये लाडलो।।32।।

 

आंगणिये में बावड़ी खुदा दे बीरा मारा रे।

पगां में पेजारां जिण पर राखरस्‍यू।।33।।

 

इक थम्‍बीयो महल चुणादे बीरा मारा रे।

या तो रे मेणी रे बीरा मेट दे।।34।।

 

बैनो सा ने दीजे डांवी आंख बीरा मारा रे।

या तो रे मेणी रे बीरा मारा मेट दे।।35।।।

 

पांडवां को अमरापुर में वास बीरा मारा रे।

माता रे कुन्‍ता की सुणज्‍यो बीणती।।36।।




गरू सायब का दरबार में सतुकार मिलेला कांई सा भजन लिरिक्‍स guru sayab ka darbar me satukar milela bhajan lyrics

 


गरू सायब का दरबार में,

सतुकार मिलेला कांई सा।

सतुकार मिलेला कांई सा,

रणुकार मिलेला कांई सा।।टेर।।

 

सतगरू मिल जावे कामी,

कमद्या में पाड़ो मती खामी।

जाने समझो अन्‍तरयामी,

श्री किशन मानलो कांई सा।।1।।

 

सतगरू मिल जावे लोभी,

तन मन अलप दियो तो भी।

तन का मालिक है वो भी,

श्री बावन मान लो कांई सा।।2।।

 

सतगरू मिल जावे क्रोधी,

खुद मत राखो विरोधी।

जाने समझो आप सरोदी,

नरसिंग मान लो कांई सा।।3।।

 

सतगरू मिल जावे धर्मी,

ब्रह्म ज्ञान का मर्मी।

वे तारे जीव कुकर्मी,

वांने श्रीराम समझ लो कांई सा।।4।।


पदम पुराण में शाखा,

या भगतमाल में भाखा।

यू हीरारामजीने भाखा,

वांने सही मान लो कांई सा।।5।।

रानी तोलादे जैसल धाड़वी कथा लिरिक्‍स rani tolade jaisal dhadavi katha lyrics

 


आई सावण की तीज देखो,

आई सावण की तीज रे।

सहेल्‍या पाणी निसरी,

सरवर पे रे जी।।1।।

 

ओढियो दखणी को चीर कामणी,

ओढियो दखणी को चीर रे।

कोई घेर घुमालो घाघरो,

खातण के जी रे।।2।।

 

बिन्‍दली तपे ललाट खातण के,

बिन्‍दली तपे ललाट रे।

होठां पे हिंगलू ढुल रियो,

खातण के रे जी।।3।।

 

हाथां में हथफूल खातण के,

हाथां में हथफूल रे।

नकल्‍या पर मेहन्‍दी राचणी,

खातण के रे जी।।4।।

 

अब लियो बेवड़ो हाथ कामणी,

लियो बेवड़ो हाथ रे।

पगल्‍या मे पायल बाजणी,

खातण के रे जी।।5।।

 

सबसूं मीठो बोल भाईड़ा,

सबसूं मीठो बोल।

दुनियां में थोड़ो जीवणो,

भाईड़ा रे जी।।टेर।।

 

मूंडो मती बताय कामणी,

मूंडो मती बताय रे।

थारा सुगन न होवे सांतरा,

दुनिया में रे जी।।6।।

 

सिणगारा में धूल कामणी,

सिणगारा में धूल रे।

थू जनम दुखियारी बांजड़ी,

दुनिया मे रे जी।।7।।

 

लाग्‍यो काळजे तीर खातण के,

लाग्‍यो काळजे तीर रे।

अब घड़ो बेवड़ो फोडियो,

परघट पे रे जी।।8।।

 

लीदी अडूणी हाथ कामणी,

लीदी अडूणी हाथ रे।

अब सीधा घरां ने चालिया,

खातण जी रे जी।।9।।


कहे मनड़े की बात कामणी,

कहे मनड़े की बात रे।

आंख्‍या में आंसू क्‍यूं पड़े,

गोरी के रे जी।।10।।

 

कुण थाने बोल्‍या बोल कामणी,

कुण थाने बोल्‍या बोल रे।

कुण थाने मोसा मारिया,

परघट पे रे जी।।11।।

 

नन्‍दीया छारो लोग देश में,

नन्‍दीया छारो लोग रे।

अठे कामण घाली कामण्‍या,

नगरी में रे जी।।12।।

 

लियो बसोलो हाथ करीगर,

लियो बसोलो हाथ रे।

बागा रे मारग निसरिया,

कारीगर रे जी।।13।।

 

थू ही धरम को बीर मालीजी,

थू ही धरम को बीर रे।

बागा री खडक्‍या खोल दे,

माली जी रे।।14।।

 

के मनड़ा की बात मालीजी,

के मनड़ा की बात रे।

बागां में कई कई नीपजे,

मालीजी रे।।15।।

 

निपजे दाड़म दाख कारीगर,

निपजे दाड़म दाख रे।

कोई चम्‍पो चमेली केवड़ो,

बागां में रे जी।।16।।

 

निपजे फूल गुलाब कारीगर,

निपजे फूल गुलाब रे।

कोई चन्‍दन निपजे बावन्‍यो,

बागां में रे जी।।17।।

 

कह दे चन्‍दन को मोल मालीजी,

कह दे चन्‍दन को माल रे।

थे कतरा लो ला रोकड़ा,

मालीजी रे।।18।।

 

डाला रा पचास कारीगर,

डाला रा पचास रे।

पेंडी रा लागे डोड सौ,

कारीगर रे जी।।19।।

 

बेगोई डालो कटाय मालीजी,

बेगोई डालो कटाय रे।

लो रूपया गण लो रोकड़ा,

मालीजी रे।।20।।

 

सूती व्‍हे तो जाग गोरड़ी,

सूती व्‍हे तो जाग रे।

मैं चन्‍दन लायो बावन्‍यो,

बागां मू रे जी।।21।।

 

सुण मारा समचार बेनड़ी,

सुण मारा समचार रे।

साधा ने पाणी पायदे,

बेनड़ली रे जी।।22।।

 

बेगो पाणी पाय बेन थू,

बेगो पाणी पाय रे।

मैं चाल्‍यो आयो दूर से,

साधूड़ो रे जी।।23।।

 

पड़े तावड़ा की धूप बेनड़ी,

पड़े तावड़ा की धूप रे।

हंसलो कुमलावे धूप में,

बेनड़ली रे जी।।24।।

 

दीनी कला बरताय बाबजी,

दीनी कला बरताय रे।

ठमके सू या तो कूदगी,

आल्‍या मू रे जी।।25।।

 

सोना जारी हाथ बेनड़ी के,

सोना जारी हाथ रे।

साधां ने पाणी पा रिया,

लाडेसर रे जी।।26।।

 

काठियावाड़ का जैसल (7वा) भाभी ने केेेवे

 

दोहा: जैसल जीमण बेठिया तो केश मूंडा के मांय।

शिर साटे मैं धन लावा जाने राड़ा देवे गमाय।।

 

लीदी तरवार्या हाथ धाड़वी,

लीदी तरवार्या हाथ रे।

कोई सोवन कटारो कमरियां में,

जैसल के रे जी।।27।।

 

आयो विकट तूफान गांव में,

आयो विकट तूफान रे।

पणिहारियां मटका फोडिया,

परगट पे रे जी।।28।।

 

सामी मलगी सांड भूरड़ी,

सामी मलगी सांड रे।

जिण पर बैठो बाणियो,

लूटूलां रे जी।।29।।

 

देख्‍यो नजर पसार सेठ ने,

देख्‍यो नजर पसार रे।

धड़के सू नीचे आ पडियो,

बाण्‍यो तो रे जी।।30।।

 

धन दौलत ले जाय धाड़वी,

धन दौलत ले जाय रे।

बाण्‍या ने जिन्‍दा छोड़ दे,

अन्‍दाता रे जी।।31।।

 

करणे लागो दान बाणियो,

करने लागो दान रे।

कोई साध बरामण जाणिया,

बाधण्‍या थू रे जी।।32।।

 

लेऊ मनख ने मार बाणिया,

लेऊ मनख ने मार रे।

मैं जैसल कहिये धाड़वी,

मान्‍योड़ो रे जी।।33।।

 

बोहरा जोवे बाट धाड़वी,

बोहरा जोवे बाट रे।

मारी काग उडावे कामण्‍या,

महलां में रे जी।।34।।

 

मारे बूढ़ा मायर बाप धाड़वी,

बूढ़ा मायर बाप रे।

मारे नेना नेना टाबर्या,

नगरी में रे जी।।35।।

 

करणे लागो याद बाणियो,

करने लागो याद रे।

दरगा में हेलो साम्‍भलो,

दुरबल को रे जी।।36।।

 

काना पड़ी आवाज भगत की,

काना पड़ी आवाज रे।

चौपड़ में उल्‍टी मार दी,

दरगा में रे जी।।37।।

 

अब दीनी कला बरताय बाबजी,

दीनी कला बरताय रे।

जैसल ने आंधो कर दियो,

घोड़ालो रे।।38।।

 

अब के पाछो बोल घोड़ाला,

अब के पाछो बोल रे।

बोले तो बाथ्‍या भिड़ पडू,

बेरीड़ा रे जी।।39।।

 

पड़ग्‍यो घोड़ा के बीच धाड़वी,

पडियो घोड़ा के बीच रे।

या अगड़ पिछाड़ी दोड़गी,

घोडिया तो रे जी।।40।।

 

सिल्‍ला लोडी त्‍यार तोलादे,

सिल्‍ला लोडी त्‍यार रे।

धीणो भावे तो तोड़दा,

गायां ने रे जी।।4।।




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