रामजी रंगीलो भेलो आयो ये,
मांय अमरापुरी में बाई को सासरो।।टेर।।
सदा तो शिवजी वो माने,
बहुत सुख दीनों है।
ज्ञान वालो भेद बतायो ये।।1।।
पार्वती माता माने,
गोद में खेलाया है।
नेम वाली चुंदडी ओढ़ाई ये।।2।।
ब्रह्मा न विष्णुजी मारे,
जान्या चढ़ आया है।
गणपत ने तो अगवाणी लाया ये।।3।।
धनाजी भगत मारे,
मायरा में आया है।
तूम्बा माये मोती भर लाया ये।।4।।
नारद मुनिजी मारे,
मायरा में आया है।
प्रेम से तो मायरो पहरायो ये।।5।।
ढोल नंगारा धणी के,
नोबत बाजे है।
गगन मण्डल घरणायो ये।।6।।
बाई मीरां के सांवरा,
गिरधर नागर है।
देश तो गुराजी वालो पायो ये।।7।।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें