माया माण गणा नर तरिया करोड़ा में शाखा भराले maya maan gana nar tariya karoda me sakha bharale

 

माया माण गणा नर तरिया,

करोड़ा में शाखा भराले,

मन थू माया माण मजा ले।।टेर।।

 

कन्‍चन माया बांटो भाया,

दान पुन्‍न में लगाले।

खरच्‍या पछे होवे सवाई,

आगे की खरच्‍या बणाले।।1।।

 

खेती भावो वो फल पावो,

पांती तीन कराले।

खुद खाबा ने श्रीजी पूरे,

श्री को शीर चुकादे।।2।।

 

कामण माया आंगण सोहवे,

नीती नेम नमाले।

आया साध की साजो बन्‍दगी,

भोजन भाव जिमा दे।।3।।

 

झीणी माया बांटो भाया,

मन का मजा उड़ा ले।

बांटो तो गरू बचनाऊ बांटो,

गुरा की शाखा दराले।।4।।

 

माया माण नर तरिया,

अजपा का जाप जपाले।

कहे हीराराम गुरा को,

गुरूमुखी ज्ञानी कुवाले।।5।।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

लोकप्रिय पोस्ट

जल ज‌इयो जिह्वा पापनी राम के नाम बिना रे JAL JAIYO JIVHA PAPNI RAM KE NAAM BINA RE

राम के नाम बिना रे मूरख  राम के नाम बिना रे, जल ज‌इयो जिह्वा पापनी, राम के नाम बिना रे ।।टेर।। क्षत्रिय आन बिना, विप्र ज्ञाण बिना, भोजन मान ...