जंगल में माया कुण माणी होजा नागा नुरबाणी jangal me maya kun maani hoja naga nurbani



होजा नागा नुरबाणी,
नुरबाणी रे नुरबाणी।
जंगल में माया कुण माणी,
आबू में माया कुण माणी।।

मैं माणी ओ मैं माणी,
आबू में माया मैं माणी।।टेर।।

सोना रूपा की ईंट पड़ाऊ।
मंदरियो चुणाऊ मजमानी।।1।।

कंकू केशर की धार गलाऊ।
मंदरियो ढुुुलाऊ मजमानी।।2।।

हरिया डुंगराऊ बांस मंगाऊ,
मंदरियो सरादू मजमानी।।3।।


आड़े पाड़े बाग लगाऊ।
बच में गांजो इन्‍दोरी।।4।।

काठियावाड़ थारे कुण्‍डी मंगाऊ।
गोठो गड़ाऊ गुरबाणी।।5।।

शंकर शरणे पार्वती बोले।
नागा की गत मैं जाणी।।6।। 

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